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Friday, January 18, 2019

12:05 AM

क्यों भस्म लगाते है नागा साधु अपने शरीर पर जानिये


लोगों का आकर्षण बनें हुए नागा साधु कुंभ मेले में . हर वर्ष इन्हीं की सबसे ज्यादा बाते होती है . और हो भी क्यों ना , आखिरकार नागा साधु जीवन सबसे अलग जो होता है . इनका जीवन बहुत मुसीबतों से भरा होता है .इन नागा साधुओं को संसार में क्या हो रहा है , इस बारे में इन्हें कोई मतलब नहीं होता . नागा साधुओं के बारे में हर बात अलग होती है . जटाओं से लेकर शरीर पर भस्म तक इन साधुओं के जैसा कोई और नहीं दिखता . ये इतना कठिन जीवन जीते हैं जिसके बारे में आम इन्सान सोच भी नही सकता | अगर कोई इन्सान आदमी नागा साधु बनने के लिए जाता है , तो साधुओं का अखाड़ा उसके ओर उसके परिवार के बारे में पूछताछ करता है . इसके बाद उसे मुश्किलों भरे दौर से गुजरना होता है . यह परीक्षा केवल नागा साधु बनने तक की नहीं होती
अगर कोई इन्सान नागा साधु बन जाता है ते उसके बाद भी काफी कठिनाई भरा जीवन व्यतीत करना होता है . इन साधुओं के बहुत से  नियम होते हैं . इन साधुओं को भस्म और रूद्राक्ष धारण करना जरूरी होता है . यही कारण है कि अखाड़े में जो नागा साधु दिखते हैं , वे भस्म और रूद्राक्ष धारण किए हुए दिखते हैं . रोज सवेरे स्नान करने के बाद नागा साधु सबसे पहले शरीर पर भस्म रमाते हैं . ये वस्त्र नहीं पहन कर सकते .अगर बहुत आवश्यकता हो तो तन पर केवल एक गेरुआ रंग का वस्त्र धारण करने की अनुमति होती है . साधु केवल दिन में एक समय भोजन करते हैं . ये भोजन भी साधुओं के द्वारा भिक्षा मांगकर एकत्रित किया हुआ होता है . ये साधु हमारी और आपकी तरह सोफे पर नहीं सोते .ये केवल जमीन पर सोते है ये भी इनकी नियम होता है . ओर सोते समय ये जमीन पर कुछ बिछाते भी नहीं है. नागा साधुओं को किसी से कोई मतलब नहीं होता ना तो ये किसी की निंदा करते है और  ना ही किसी की प्रशंसा करते है।

Thursday, January 17, 2019

8:11 AM

उत्तरप्रदेश के अस्पताल में महिला ने दिया एक विचित्र बच्चे को जन्म ,देखकर हैरान हो जाएंगे आप

UP के बलरामपुर जिले में एक विचित्र बच्चे ने जन्म लिया है । इस बच्चे मे खास बात यह है की इस बच्चे के दो सिर हैं । जन्म के बाद डॉक्टर व बच्चे के घर वाले इस विचित्र बच्चे को देखकर हैरान व परेशान हैं । खबर आसपास के क्षेत्र में फैलते ही बहुत अधिक संख्या में लोग बच्चे को सीएससी अस्पताल पर देखने पहुंचे । डॉक्टरों ने बच्चे की स्थिति के बारे में कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया । साथ ही उसे अंडर ऑब्जर्वेशन रखने की बच्चे के घर वालों को सलाह भी दी है । पचपेड़वा की घटना मामला जिले के पचपेड़वा थाना क्षेत्र का है जहां गाँव खाखादेई Post गुरूचिहवा के रहने वाले सूरजकी पत्नी मीरा  गर्भवती थी और प्रसव पीड़ा उठने पर उसे सामुदायिक अस्पताल पचपेड़वा पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने बहुत मशक्कत के बाद मीरा का प्रसव कराया
डिलीवरी के दौरान एक बच्चे ने जन्म लिया जिसके दो सिर है। मां और परिजन उस बच्ची के दो सिरों को देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए । बच्चे का वजन 2 . 881 ग्राम है । बच्चे की ऐसी स्थिति देखकर उसकी मां व सभी घर वाले भी बहुत परेशान है । बच्चे के जन्म के बाद विचित्र बच्चे की खबर क्षेत्र में  फैलते ही वहां बच्चे को देखने आने वालों की लाइन लग गया । लोग  बच्चे की एक झलक देखने के लिए आसपास के क्षेत्र से दौड़े चले आ रहे हैं । डॉक्टर ने किया रेफर वहीं इस मामले पर पचपेड़वा सीएचसी अधीक्षक डॉ  मिथलेश कुमार ने बताया कि बच्चे की स्थिति ठीक है। लेकिन सर के पीछे एक और सिर जैसा मांस का गोला होने के वजह से बच्चे को परेशानी पैदा हो सकती है । ऐसे में बच्चे को बेहतर चिकित्सा के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया जा रहा है

Wednesday, January 16, 2019

7:39 AM

आज हम आपको दुनिया की सबसे महंगी शराब के बारे मे बताते है जानिए

जब भी हम कहीं बहार जाते है तो हमें बहुत सारे लोग शराब पिए हुए लोग मिल जायेंगे , इसमें कुछ लोग तो ऐसे भी  है जो शराब के आदि हो चुके है तो कुछ लोग ऐसे होते है जो सिर्फ अपने शौख के लिए शराब पीते है । अब आज हम आपको दुनिया की एक सबसे महंगी शराब के बारे में बताने जा रहे है जिसको आपने पहले कभी नही देखि होंगी . तो आईये जानते है दुनिया की सबसे महंगी शराब के बारे में
क्या आपको पता है की इस बोटल को गोल्ड और प्लैटेनियम के साथ  करीब 6400 हीरों से ढकी हुई है। क्यों आप हैरान रह गये ना .
अगर हम इसकी कीमत की बात करें तो आपके पैरो के निचे से जमीन ही हिल जाएँगी क्यूंकि इसकी कीमत लगभग 3500000 अमेरिकन डॉलर आंकी गयी है । अब इसकी बात भारतीय रुपयों में की जाए तो इसकी कीमत 23791232500 रुपए के आसपास बनती है . तो जरा सोचिये की इतनी ज्यादा महंगी शराब कौन पिता है
अब इस शराब की बोटल की बात की जाए तो इसमें भी प्लैटेनियम और 24 कैरेट सोने की परत चढ़ाई हुई है ।और साथ ही इस पर लगभग 6000 हीरे भी लगाए गए है, इसीलिए यह बोटल लगभग 2 मिलियन अमरीकी डॉलर है. अगर हम इसको भारतीय रूपये में कन्वर्ट करे तो इसकी कीमत 135949900 रुपए के आसपास बनती है .
इस शराब की बात ही कुछ अलग है, क्यूंकि इस शराब की हर एक बोटल पर अलग ही तरह का सांचा है . इसके अंदर स्वारोवस्की क्रिस्टल्स को रखा गया है , इसका प्रयोग लोग अपनी शराब को गार्निश करने के लिए करते है। अगर हम इसकी कीमत की बात करे तो इसकी एक बोटल की कीमत लगभग 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर है और इसको इंडियन रूपये में कन्वर्ट करें तो 67974950 रुपया होती है

Tuesday, January 15, 2019

8:31 AM

पानी उपर से नीचे की तरफ ना जाकर नीचे से उपर की तरफ बह रहा है जानिए ऐसी जगह

छत्तीसगढ़ में प्रकृति के ऐसे अनोखे तत्व मौजूद हैं जिन्हे देखकर भी यकीन करना मुश्किल  है। उन्हीं जगहों में से  सरगुजा जिला एक हैं जहां ऐसे अजीब नजारे देखने को मिलते है। खासतौर पर मैनपाट तो पूरी तरह से प्राकृतिक नजारों से संपन्न नजर आता है। छत्तीसगढ़ के कश्मीर मैनपाट में ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला है जिसमें पानी ग्रेविटी फोर्स के वितरीत उपर से नीचे की तरफ ना जाकर नीचे से उपर की तरफ जाता हुआ दिखायी दे रहा है, इस नज़रे को देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ बढने लगी है तो वहीं शासन स्तर पर भी इसे संरक्षित करने की बात कही जा रही है

छत्तीसगढ़ के मैनपाट में पानी उल्टा बह रहा
यह कुदरत का करिश्मा है या फिर विज्ञान को चुनौती देना वाला नजारा कुछ भी कहें लेकिन यह बात पूरी तरह से सत्य है कि मैनपाट के बिसरपानी क्षेत्र में ये जगह लोगों को हैरान करने वाली जगह है। यहां ग्रेविटी फोर्स को चुनौती देते हुए पानी की धारा नीचे से उपर की और बह रही है

मैनपाट के बिसरपानी क्षेत्र में पानी की एक धारा नीचे से उपर की ओर बह रही है और यह धारा लगभग 12 से 15 फीट तक उपर की ओर चढ़ रही है। यकीन ना होने पर लोग कागज की नाव बनाकर उसे इस पानी की धारा मे डाल रहे हैं, लेकिन नाव नीचे की ओर जाने की बजाए उपर की ओर ही जा रही है।
इस नजारे को देखकर लोग दांतो तले उंगली दबा ले रहे हैं और इस नजारे को देखने वाले लोग इसे अपने जीवन का अनमोल क्षण मान रहे हैं, वहीं इस नई जगह को देखकर खुद हैरान हो रहे पर्यटन मंडल के अधिकारी इसे संरक्षित करने का प्रयास करने की बात कर रहे हैं

मैनपाट में वैसे तो अन्य कई ऐेसे स्थान हैं जिन्हें देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है, इनमें Tiger Point, Fish Point, दलदली जमीन आदि शामिल हैं, लेकिन मैनपाट के माथे पर उल्टापानी के रूप में एक और नया कोहिनूर जुड गया है जो पूरे हिन्दूस्तान में कहीं भी नहीं है और बहार विदेशों मे भी शायद ही कहीं ऐसा हो।

Monday, January 14, 2019

9:27 AM

गाय का वजन 4 से 5 किलो जानकर हैरान रह जाओगे जानिए


अगर हम कहें की एक गाय का वजन 4 से 5 किलो के बीच में हो सकता हैं तो आपकों ये मजाक लगेगा ।परंतु ये बात बिलकुल सच है कि गाय का वजन इतना हो सकता है । यह छोटी गाय अमेरिका के मिसीसिपी में देखी गई । इसका वजन 4 से 5 किलो के आसपास है । वैसे ते देखा जाए एक साधारण गाय का वजन 30 से 40 किलो के बीच मे होता है । सोशल मिडिया पर इस गाय की तस्वीर काफी फेल रही है । लोग इस छोटी सी गाय को  प्यारे प्यारे कमेंट कर रहे हैं । इस नन्हीं सी गाय का वजन एक साधारण गाय के वजन से दस गुना कम है । जो लोगों को काफी हैरान करने वाला हैं । वैसे तो जब गााय को लेकर हैरान मालिक मेडिकल कॉलेज ट्रीटमेंट के लिए पहुंचा तो मेडिकल टीम भी हैरान रह गई , लेकिन इसके बाद टीम ने माना कि केवल वजन कम है इसके अलावा गाय पूरी तरह से स्वस्थ है


इसके पश्चात मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम ने इस हैरान कर देना वाली गाय को जैसे ही सोशल मीडिया फेसबुक ट्वीटर पर शेयर किया ये बहुत फैलने लगी और लोग इसके दीवाने बन गए । मेडिकल टीम ने अपने फेसबुक पेज पर इस छोटी गाय की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा  कि उन्हें एक ऐसा केस मिला जिसने उनको भी पूरी तरह से हैरान कर दिया है । ये अजीब मामला है क्योंकि आम तौर पर  गाय के वजन से इसका वज़न लगभग 10 गुना कम था । फेसबुक  पेज और ट्विटर जेसी सोशल साईट पर इस गाय की तस्वीर आते ही लोग इसके फैन बनते गए और देखते ही देखते लिलबिल  के साथ ये सोशल मीडिया पर टेंड करने लगी। सब इस गाय की cuteness के दिलवाने हो गए और लिलबिल की सेहत के लिए प्रार्थना (Pray) करते हुए अलग से एक फेसबुक पर पेज तैयार हो गया । जिस पर गाय के बारे मे जानकारी मिलती रहे

Friday, January 11, 2019

6:48 AM

ऐसा अजीब पेड़ जिसे छू दो तो वह इंसानों वाली हरकत करता है, जानिए क्या है सच्चाई


देशभर में कई ऐसे बहुत से रहस्य है जिनके बारे में इंसानों को आज तक नहीं पता चला जिसके वजह से वह रहस्य केवल रहस्य बन कर ही रह जाते है। आज हम आपको  ऐसा ही कुछ बताने जा रहे हैं । बताया जाता है कि उत्तराखंड के नैनीताल में एक ऐसा जंगल है जहां पर पेड़ का हाथ लगाने पर वह इंसानों की तरह ही बात करने लगता हैं । जो कि वाकई में हैरान करने वाली बात हैं । इतना ही नहीं यह पेड़ इंसानों की तरह भी हरकरते करते हैं । इसके लिए आपको उस पेड़ को इंसानो की तरह ही गुदगुदी करनी पड़ेगी । दरअसल , बता दें कि , कालाढूगी के जंगलों में एक पेड़ है । जो बिल्कुल इंसानों की तरह ही दिखता देता है इतना ही नहीं इस पेड़ को इंसानों की तरह गुदगुदी भी होती है

आपको यह जानकर हैरानी भी होगी कि इस पेड़ के तने में अगर अंगुलियां रगड़ी जाएं तो इसकी टहनी हिलने लगती है । यही कारण है कि इस पेड़ को इंसानी पोधा का नाम दिया गया है । हम आपको बता दें कि इस पेड़ का वानस्पतिक नाम रेडिया डूमिटोरम  है । सूत्रों के मुताबिक बताया जाता है कि इस पेड़ को ऐसा क्यों होता है इसके लिए कई वैज्ञानिकों के द्वारा सर्च । कार्य किए जा रहे हैं मगर अभी तक उनकी कोई कामयाबी हाथ नही लगी
आपको यह जानकर हैरानी भी होगी कि इस पेड़ के तने में अगर अंगुलियां रगड़ी जाएं तो इसकी टहनी हिलने लगती है । यही कारण है कि इस पेड़ को इंसानी पोधा का नाम दिया गया है । हम आपको बता दें कि इस पेड़ का वानस्पतिक नाम रेडिया डूमिटोरम  है । सूत्रों के मुताबिक बताया जाता है कि इस पेड़ को ऐसा क्यों होता है इसके लिए कई वैज्ञानिकों के द्वारा सर्च । कार्य किए जा रहे हैं मगर अभी तक उनकी कोई कामयाबी हाथ नही लगी
लोग इस पेड़ को देखने के लिए दूर दूर से आते हैं। वहीं इस पेड़ के लिए लोगों का कहना है कि यह चमत्कारी पेड़ है जिसके कारण वहा पर लोगों की आस्था है इस पेड़ पर। वहीं इस अजीब पेड़ को प्रशासन की ओर से सुरक्षा भी परिधान की गई है।

Wednesday, January 9, 2019

7:48 PM

एक ऐसा गांव जो रातों रात गायब हो गया जानिए कैसे


हिन्दूस्तान की पारंपरिक धरती में बहुत ऐसे राज दफन हैं जो कई साल या कहें सदियों बाद आज भी उसी तरह ताजा और अनसुलझे हैं जितने पहले कभी होते थे । ये रहस्य कुछ ऐसे हैं जिन्हें जितना
जानने की कोशिश होती है ये उतना ही उलझते जाते हैं । ऐसा ही एक राज राजस्थान के जैसलमेर जिले के गाँव कुलधरा  में भी दफन है । यह गांव पिछले 170 वर्षों से वीरान पड़ा है । एक ऐसा गांव जो रातों रात  वीरान हो गया और सदियों से लोग आजतक नहीं समझ पाए कि आखिर इस गांव के वीरान होने का राज क्या था ।
कुलधरा गांव के वीरान होने का एक बहुत ही अजीब रहस्य है । दरअसल , कुलधरा की कहानी शुरू हुई थी । आज से लगभग 200 साल पहले , जब कुलधरा , खंडहर नहीं था बल्कि आसपास के 84 गांव पालीवाल ब्राह्मणों से आबाद हुआ करते थे । लेकिन फिर जैसे कुलधरा को किसी की बुरी नजर लग गई , वो शख्स था रियासत का  दीवान सालम सिंह । अय्याश दीवान सालम सिंह जिसकी गंदी नजर गांव कि एक सुन्दर लड़की पर पड़ गयी थी । दीवान उस लड़की के पीछे इस कदर दीवाना था कि बस किसी तरह से उसे पाना चाहता था । उसने इसके लिए ब्राह्मणों पर दबाव बनाना आरंभ कर दिया । हद तो तब हो गई कि जब सत्ता के मद में चूर उस दीवान ने लड़की के घरवालों को यह संदेश भिजवाया कि यदि अगले पूर्णमासी तक उसे लड़की ना मिली तो वह गांव पर आक्रमण कर लड़की को उठा ले जाएगा




गांववालों और  दीवान की ये लड़ाई अब एक कुंवारी लड़की के सम्मान और गांव के आत्मसम्मान की भी थी । गांव की चौपाल पर पालीवाल ब्राह्मणों की बैठक हुई और 5000 से ज अधिक परिवारों ने अपने सम्मान के लिए रियासत छोड़ने का निर्णय ले लिया । कहा जाता है  कि निर्णय लेने के लिए सभी 84 गांव के लोग एक मंदिर पर इकट्ठा हो गए और पंचायतों ने फैसला किया कि चाहे जो भी हो जाए पर अपनी लड़की उस दीवान को नहीं देंगे । अगली ही शाम कुलधरा कुछ यूं वीरान हुआ कि आज परिंदे भी उस गांव के अन्दर दाखिल नहीं होते । कहते हैं गांव छोड़ते समय उन ब्राह्मणों ने इस स्थान को श्राप दे  दिया था। आपको बता दें कि बदलते समय के साथ 82 गांव तो अब दोबारा बन गए , परंतु दो गांव कुलधरा और खाभा सभी प्रयासों के बाद भी अब तक आबाद नहीं हुए हैं । ये गांव अब India पुरातत्व विभाग के संरक्षण में हैं । जिसे दिन के उजाले में सैलानियों के लिए रोज खोल दिया जाता है।

कहा जाता है कि यह गांव रूहानी ताकतों के आधीन है । Tourist Place में बदल चुके इस गांव मे घूमने आने वालों के मुताबिक यहां रहने वाले पालीवाल ब्राह्मणों की आहट आज भी सुनाई देती है  उन्हें वहां हर समय  ऐसा महसूस होता है जैसे कि कोई आसपास चल रहा है । बाजार के चहल पहल की आवाजें सुनाई देती हैं , महिलाओं के बात करने आवाज आती और उनकी चूड़ियों और पायलों की आवाज सुनाई देती रहती है । प्रशासन ने इस गांव की सरहद पर एक फाटक बनवाए है , जिसके पार दिन में तो पर्यटक घूमने आते रहते हैं लेकिन रात के समय इस फाटक को पार करने की कोई हिम्मत नहीं करता है ।
में दिल्ली से मई 2013 मे भूत प्रेत व आत्माओं पर रिसर्च करने वाली पेरानार्मल सोसायटी की टीम ने कुलधरा गांव में रात बिताई थी । उस टीम ने भी यह माना  कि यहां कुछ न कुछ असामान्य जरूर है । शाम के समय उनका ड्रोन कैमरा आसमान से गांव की फोटो ले रहा था परंतु उस बावड़ी के ऊपर आते ही वो कैमरा धरती पर आ गिरा । एसा महसूस हुआ मानो उस कैमरे को किसी ने गिराया हो । कुलधरा गाँव से हजारों परिवारों का पलायन हुआ यह सच है  , और ये भी सच है कि कुलधरा गाँव में आज भी राजस्थानी संस्कृति की झलक देखने को मिलती है ।

अंशुल शर्मा ने बताया जो पेरानॉर्मल सोसायटी के उपाध्यक्ष  था कि हमारे पास एक डिवाइस है जिसका नाम गोस्ट बॉक्स है । इसके द्वारा  हम ऐसी जगहों पर रहने वाली आत्माओं से सवाल पूछते हैं । ऐसा ही हमने कुलधरा मे भी किया , जहां कुछ आवाजें भी आई और कहीं असामान्य रूप से आत्माओं ने अपने नाम भी बताए । 4 मई 2013 Saturday की रात में जो टीम कुलधरा गई थी । उनकी गाड़ियों पर बच्चों के हाथ के पंजो के  निशान मिले ।
यहाँ जो कोई भी यहां आता है वह इस गाँव मे खुदाई करने लग जाता है इसका कारण यह है की इतिहासकारों के मुताबिक पालीवाल ब्राह्मणों ने अपनी पूरी  संपत्ति जिसमें भारी मात्रा में सोना - चांदी और हीरे जवाहरात  उसे जमीन के अंदर दबा कर रखते थे । यही कारण है कि इस उम्मीद से कि शायद दौलत उनके हाथ लग जाए । यह गांव आज भी बहुत जगह से खुदा हुआ मिलता है ।